:
Breaking News

सुपौल के छातापुर में खड़ी बस में आग के बाद भारी बवाल, दमकल देरी से पहुंची तो थाने पर हंगामा और पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

सुपौल के छातापुर में खड़ी बस में आग लगने के बाद दमकल की देरी से पहुंचने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने थाने पर प्रदर्शन कर पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। एसपी और प्रशासन मौके पर पहुंचे और स्थिति नियंत्रित की।

सुपौल/आलम की खबर:सुपौल जिले के छातापुर इलाके में मंगलवार की शाम उस समय तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब बस स्टैंड के पास खड़ी एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की लपटों में घिर गई। घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और लोग अपनी-अपनी तरह से आग बुझाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन आग की भयावहता के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना छातापुर बस स्टैंड के पास उस समय हुई जब पटना जाने वाली बस खड़ी थी। अचानक बस के अंदर से धुआं उठता दिखा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना छातापुर थाना और फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन आरोप है कि दमकल वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर मदद नहीं पहुंच सकी।

लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद काफी देर तक कोई फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। इसी बीच लोगों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने की कोशिश की और काफी हद तक सफलता भी पाई, लेकिन तब तक बस को भारी नुकसान हो चुका था।

घटना के बाद स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ को लगा कि प्रशासन की लापरवाही से बड़ा हादसा टलते-टलते बचा है। इसी गुस्से में लोग छातापुर थाने की ओर बढ़ गए और वहां पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई और थाने परिसर में तोड़फोड़ शुरू हो गई।

आक्रोशित लोगों ने थाना परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके साथ ही थाने के गेट पर लगे बैरिकेडिंग सिस्टम को भी तोड़ दिया गया। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस बल को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

स्थिति तब और संवेदनशील हो गई जब मौके पर पहुंची दमकल गाड़ी को भी भीड़ ने वापस लौटा दिया। लोगों का आरोप था कि जब आग बुझाने का समय था तब मदद नहीं आई, अब देर से आने का कोई फायदा नहीं।

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और सुपौल एसपी शरथ आरएस, त्रिवेणीगंज एसडीपीओ विभाष कुमार और एसडीएम अभिषेक कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की और कानून व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया।

काफी समझाने-बुझाने के बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छातापुर क्षेत्र में आपातकालीन सेवाएं कमजोर हैं और दमकल वाहन की उपलब्धता समय पर नहीं होती। उनका कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो बस को इतना नुकसान नहीं होता और स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।

इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में फायर रिस्पॉन्स टाइम को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं को बड़े विवाद में बदलने से रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लोग प्रशासन से बेहतर फायर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की मांग कर रहे हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *